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स्वागत है हमारे प्लेटफॉर्म ओपन चौक में यह मानस है यह पटना के रहने वाले हैं या आज आप हमें बताएंगे कि आजकल कैसे मूवीस में देखा जा रहा है कि बहुत ही छोटे शहर व्यस्त जैसे ही कानपुर हुआ वहां बिहार हुआ उनसे डर काफी मूवीस बनाई जारी इसके पीछे क्या आपका टिप्पणियां इस विषय पर आप कुछ बताएंगे मानस जी आपको आज ताजी बताओ फ्री हो क्या रहा है कि जो भी जो बन रही आजकल मूवीस को आजकल डायरेक्टर कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि ऐसा इस मूवी पर खर्च करें अगर उन्हें खर्च करना है तो पैसा खर्च करेंगे जैसे बाहुबली हो गया इतना ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा बड़ी सेट बनानी पड़ेगी यह सब चीज और आउटसाइड इंडिया से भी इनफैचुएशन एक तरह से लोगों का खत्म हो गया है कि हाथी जब भी रो अमेरिका में रहता है रहता है तू इंपॉर्टेंस ऑफ मतलब की है नहीं उनके पास तो उनके पास दो ही ऑप्शन है एक ऑप्शन यह है कि या तो रोटी पिक्चर बनाएं और उसकी ऑडियंस जो हो वह वाइट रेंचो और क्या तो बहुत बड़ी पिक्चर बनाएं और उसमें तो बड़े स्टार कासको ले बहुत अच्छे-अच्छे एक्टर्स को ले और उसमें बहुत ही ज्यादा खर्च करें बाहुबली टाइपिंग तो जो मैंने आपको पहला वह बताया कि छोटे शहरों की कहानी तू अगर आप फ्रेंड देखेंगे तो सबसे पहले टीवी इंडस्ट्री ने भी अपने सीने पर स्टार्ट के पहले गुजराती सो जाती थी गुजराती मतलब ऐक्टर जो होते तो गुजराती में बातें करते थे उस वक्त धीरे-धीरे पंजाबी पर आया तो सिर्फ बीच में राजस्थानी हुआ था अभी यह एमपी यूपी बिहार इन ऑल स्टेट्स उठाकर लोगों ने भी स्टार्ट कर रहा है इसलिए कि उधर बहुत हिंदी स्पीकिंग ऑडियंस है जो कि मूवी आजकल देखने आ रही है आ रही है देखने के लिए तो अब उनको उनके जैसी उनकी ऐसी भाषा में जो मूवी देख रही है आप अगर बधाई हो को देखने अथवा लुक्का चुप्पी को देख ले जितनी भी पिक्चर है आयुष्मान खुराना की ड्रीमगर्ल को देख लो तो छोटे शहरों के हीरो रहे हैं इसमें कानपुर के लखनऊ के इंदौर के इन शब्दों के हीरो रहते हैं और वह बहुत ही ज्यादा कनेक्ट करती है उसको अगर आप टीवी में भी देखें तो भाभी जी घर पर हैं कितना फेमस है जबकि छोटे से जनता सुनाओ या अलाहाबाद काई के रिया का उन्होंने कहानी बना दिया है और उसको लोग हैं उसको मेरे हिसाब से तो यही लग रहा है कि लोग यही सोच कर खुद से यह सोच रहा हूं प्रोडूसर यह सोचता है कि यहां पर आ गया इन छोटे शहरों के फिल्मों को बनाएंगे हम तो एक तो हमारा खर्च कम होगा हमारे पास हमें ऐसा नहीं किया अमेरिका जाकर शूट करना होगा ब्रेसलेट बनाने पड़ेंगे हमें छोटे सेट में हमारे काम कल जाएंगे और इन इन एरिया के बहुत सारे भी हैं आजकल जो की बधाइयों की बूढ़ी अम्मा थी उन्होंने जो एक्टिंग करी है उसी की है वही चाहिए तो बहुत सारे बिहार के एक्टर्स के डायरेक्टर पंकज त्रिपाठी हुए थे यह लोग आगे फिर मम्मी को ऐसी पाना छोड़ जाते हैं तो उससे फिर इंटरेस्टिंग लगता है देखी है पहला देश में आयुष्मान खुराना नहीं एकदम ही काम मत बोलने का भी तरीका उनका कानपुर या जैसे है और वह अगर आप देखेंगे उसमें तो ड्रीम गर्ल नहीं उनके जो पिताजी थे उनकी छोटी सी दुकान होती है और जिसने शैतान का सामान होता है तो मतलब एकदम ही निडर सोनू और मिडिल क्लास की ऑडियंस को येलो टारगेट करते हैं आप अगर दम लगा के हईशा भी बैठे जो स्टार्ट हुई थी पिक्चर उसी जगह से स्टार्ट होगी लोगों ने कहा कि नहीं आ रहा हम छोटे शहरों का अगर आप आज से 10 साल पहले की बात करें तो 10 साल पहले ऐसी फिल्में नहीं बनती तो सब शाहरुख खान और अक्षय कुमार इन सब की फिल्में बनती थीं जिसमें आउटसाइड एंड लंदन चला गया अमेरिका चला गया अथवा अपना अक्षय कुमार सिंह इस किंग में थोड़ा अमेरिका का घर घूम रहा है वह यूरोप कमरा हर हर मूवी में एक गाना होता था जो कि स्विट्जरलैंड का हो जो कि इज अच्छे एग्जॉटिक तो केशवसुत फिल्माया हुआ है लेकिन अब जो है वह ट्रेन को चेंज कर दिया अब लोग उनसे एक्साइटमेंट लोगों में नहीं होती लेकिन लोगों ने खुद यूट्यूब आ गया टिकटोक है इन सच्चे कौन से लोग इन सब की वीडियो सकते हैं हॉलीवुड मूवीस देखे तो बोल कर ले इतना एक्साइटिंग उनके लेख क्या हमारी भाषा में अगर कोई बात कर रहा है हमारे एरिया को दिखाया जा रहा है हमारा वह अगर आप देखें तो जो कोटा का अपना-अपना डेंगू सरप्राइज़ है जो विश्व के उनके ऊपर जो यह एक छोटा सा बनाया गया कोटा का उस पार के अंदर भी 324 की शूटिंग हुई है और आप तो लखनऊ का जो एलीफेंट पार्क है उसके अंदर भी बहुत सारी मूवीज और गानों की शूटिंग हुई है तो अब लोग उनको देखकर तुरंत डिलीट करना चाहते हैं यह क्योंकि इनफैचुएशन वहां से जो अमेरिकन लंदन और आउटसाइड इंडिया के जो इनफैचुएशन तब्बू अब खत्म हो गया इसलिए कि वह ऑलरेडी एक्सेसिबल है यूट्यूब पर और यह सब चीजें तो कभी थोड़ा अलग अलग ऊपर थोड़ा घूमने भी जा रहा है तो थोड़ा उनको लगता है कि जो अपनी चीज है वह थोड़ा ज्यादा रिलेटेबल उनको लगती है 3 की मूवी और यह भी देखा जाता है कि अगर आप इनकी मूवीस देखो तो बहुत ही कम बजट में बन जाती है अगर आप बनाते हैं तो और बहुत ही अच्छा बॉलीवुड धमाका कर रही हूं के हाल से हुए तो पूरे भरे रहते हैं टिकट सीमेट्रिक्स था तो आजकल वैसे तो है कि एक्टर्स कापरेटिव सर्च का सब का फोटो छोटा छोटा जनता की जनता जल्दी से समझ पाए देखने आए क्योंकि बात आपकी एक दम सही है कि लोग बाहर आकर खुद ही जाते हैं घूमने तुमको इतना बाहर का नहीं चाहिए उन्हें दिन हमारे पास हमसे क्या हो रही है और एक और आस्था जी पहले ऐसा होता था कि पहले हमारे पास मल्टीप्लेक्स ऑडियंस होती थी multiplex.in सोती थी सोफिस्टिकेटेड उसके लिए मूवीस बन डीजे से कभी अलविदा ना कहना कभी खुशी कभी घम ऐसे मतलब जैसे उनकी सोफिस्टिकेटेड मूवीस बनती थी इनको कल जो वहां के लोग होते तो हो जाते हैं उनको समझ में नहीं आती यार यह तो इंग्लैंड की कहानी दिखा रहे हैं अमेरिका की कहानी दिखाना हाई-फाई लोग है हाय अमीरों को दिखाया जाता था अब अब हर छोटे मल्टीप्लेक्स खुल चुकी तो अब हर कोई वहां जा सकता इसलिए लखनऊ की देखी तो लखनऊ में कितने सारे मल्टिप्लेक्स से पटना के लिए तो वहां पर बहुत सारे मल्टिप्लाई कहां जा रहे हो बट ऑडियंस है सिंगल स्क्रीन की और वह भी जारी है मल्टीप्लेक्स में तो अब आउटरीच बड़ी है तो उनको कैसे खुश करें अब वह सोफिस्टिकेटेड नहीं रहा मल्टीप्लेक्स मल्टीप्लेक्स वाला वही है की अगर उसके सामने एक भोजपुरी मार देंगे मूवी के अंदर आ तो कुछ यूपी की 8 भाषा में थोड़ा बोल देंगे तो वह हंसने लगा वह ऑडियंस मल्टीप्लेक्स ऑडियंस भी चेंज हो गया और जो अर्जुन सोफिस्टिकेटेड थे अब लेवल के सोफिस्टिकेशन पर चले गया वह हॉलीवुड मूवीस देखने वाली नहीं मल्टीप्लेक्स में आती है जो मूवीस को देखने के लिए आती है जो खर्च करके आती है उसको अभी भी वही चीजें चाहिए उसको अभी भी चाहिए कि मुझे गिफ्ट लोकल जो है वह दिखाएं जो फिल्मों में की हर मूवी में अगर आप एक हैं अगर आप इधर दो-तीन सालों का एंड देख इनकी तो इधर की मूवीस में हर मूवीस में खेले का सीन होता है कि मिला है हीरो के हीरोइन के इससे पहले तीन चार पांच साल पहले मेले मेले का सीन होता ही नहीं हुआ करता था करता था वह सब चीजों को उठाया जा रहा पप्पी हमारी जो जो कि रिलेटेबल चीजें हैं उनको उठा उठा कर रखा जरा एक तो सब खर्च भी कम है और वह डिलीट कर देगा मल्टीप्ल है तो वह मूवी कल भी जाती है आपने कहा बाला बाला ने एक सौ करोड़ से ऊपर पैसे कमाए प्रीमगन थी आसमान खुराना की उसने भी एक शो करो टू परगना 125 करोड़ कमाए अपना यह कार्तिक आर्यन की जो पिक्चर आती लुक्का चुप्पी ने भी अच्छी 90 करोड़ कमाया थी जो उसकी पिक्चर आई है पति-पत्नी की उसने भी 50 रोड कर लिया है वह भी अच्छी 90 करो इनको समझ में आ गया है प्रोड्यूसर्स हो गया जरा 20 करोड़ खर्च करें छोटे शहर में जाएं उधर की है कि स्टोरी बना दें तो हम एक सौ करोड़ तक की फिल्में हमारी बिजनेस कर देंगे तो हमारा बहुत ज्यादा फायदा होगा और इसके अंदर है कि लोगों को ऐसा लग रहा है कि हां यार कुछ कर पा रहे हैं जी जी बात एक दम सही तो यही देखा जा रहा है कि छोटे बजट की फिल्म बहुत अच्छा काम बॉक्स ऑफिस में कर पा रही है बहुत अच्छा रेवेन्यू पापा की है बॉलीवुड मसाला पार्ट 3 की समाप्ति होती है मनोज जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद हमारे शो में आने का आशा करते हैं आप आगे आगे आते रहिए बहुत अच्छा लगा मुझे भी आपसे बात करके और यह दूसरा एपिसोड करके भी बहुत मजा आया आशा करता हूं कि आगे भी आप मुझे कभी इनवाइट करेंगे अगले एपिसोड ठीक है मात पिता माता जी यह क्या था डीएल के एच ए ग्रेड मूवी